में खुद से भी आंखे मिला शकतां नही Hindi Gazal By Naresh K. Dodia

में खुद से भी आंखे मिला शकतां नही Hindi Gazal By Naresh K. Dodia
में खुद से भी आंखे मिला शकतां नही Hindi Gazal By Naresh K. Dodia
में खुद से भी आंखे मिला शकतां नही
जब इश्क में तुं भी गिला करतां नही

ये शर्द मौसम है, समा खामोश है
मेरी तरह क्युं तेरां दिल जलतां नही?

मुझ को भी गम है चाहतो की राह में
रास्ते मे कोइ तुझ सा भी मिलता नही

तु जागती है रात भर क्यो ये बतां?
मेरी तरह दिल ख्वाब में डुबतां नही

मेरे वतन की बात कुछ तो और है
सूरज यहा का बर्फ से डरता नही

ये राह पथरीली है फिर भी तुम चलो                 
गुलसन में कांटे फूल को चुभतां नही      

लाखो दिवानी है महोतरमां यहां        
फिर भी ये दिल तेरे सिवां लगतां नही    
-नरेश के.डॉडीया        
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