रूठ जाओगे तुंम ऐसी तो कोइ बाते नही Hindi Kavita By Naresh K. Dodia

रूठ जाओगे तुंम ऐसी तो कोइ बाते नही Hindi Kavita By Naresh K. Dodia
रूठ जाओगे तुंम ऐसी तो कोइ बाते नही
भुल जाओ तुंम ऐसी कोइ मुलाकाते नही
तुटके हम से कभी कहे ना पाओगे तुम
याद नही किया तुमे ऐसी कोइ राते नही

ये ना सोचो के इश्क को हम भूल जायेंगे
इश्क तुम से कियां औरो पे मरते नही
जुठ ना बोलेंगे तुम से ये ना सोचो तुम
तुम को ऐसा लगे बाते ऐसी करते नही

हम ना चाहेंगे तुंम किसी से मिला करो
किसी से इश्क हो ऐसा हम सुनते नही
ये ना सोचो के हम कभी बेवफाइ करेंगे
चाहते है उन को ख्वाबो मे छोडते नही

मुसलसल लिखते है तुम्हारी चाहतो मे
तेरा हि नाम है,दुसरा नाम लिखते नही
ऐसी समा नही,उन के परवानो नही है
सचमे फरिशता हुं,इस लिए जलते नही

सिलसिले रुक़े नही चाहतो के शुरुं हुवे
खुदा करे चाहतो के सिलसिले तुटे नही
रबने युं मिला दिय़ा है महोतरमा दिलसे
कुछ करम है,अरमां हमारे रुक़ते नही
- नरेश के.डॉडीया
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