मेरी उदासी का तकाजा है गले मुझ को लगा लो तुम Hindi Gazal By Naresh K. Dodia

मेरी उदासी का तकाजा है गले मुझ को लगा लो तुम  Hindi Gazal By Naresh K. Dodia
मेरी उदासी का तकाजा है गले मुझ को लगा लो तुम  Hindi Gazal By Naresh K. Dodia
मेरी उदासी का तकाजा है गले मुझ को लगा लो तुम
मेरी उदासी को जरां अपने सिने मे युं छुपालो तुम

तनहाइआं मुझ से यहां लिपटी है सौतन की तरह देखो
मुझ से लिपट के आज सौतन को जलाने कां मजां लो तुंम

तकदीर से आगे हमे कुछ भी नही मिलता है दुनिया में
तकदीर से आगे निकल कर मुझ को अपना बना लो तुंम

तुम देखनां जितनां यहां हम देखते है उस के आगे नही
खुद को कभी मेरी नजर से देखने के फायदा लो तुम

सच जानकर भी क्यां करोगे एक शायर की जुंबा से तुम
ये शोहरत मीट्टी की है गर सच कां ये परदा उठा लों तुंम

मुझ को खिलौना मत समज मेरे सिने मे दिल धडकता है
मेरे सिने पे हाथ रख के अपना कबजां भी जमां लों तुंम

मेरी गजल की रोशनी मे नूर दिखतां है यहां सब कों
इस को सुफी चाहत समज के बाअदब सर को जुका लो तुंम

मुझ को सलिके से बतांना चाहनां ही जिंदगी हैं क्यां?
उस के लिए मेरी महोतरमां के कुछ किस्से चुरा लों तुंम
– नरेश के. डोडीया
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