निगाहे जानती है उस की हम को बहुत चाहत है Hindi Gazal By Naresh K. Dodia

निगाहे जानती है उस की हम को बहुत चाहत है Hindi Gazal By Naresh K. Dodia
निगाहे जानती है उस की हम को बहुत चाहत है Hindi Gazal By Naresh K. Dodia
निगाहे जानती है उस की हम को बहुत चाहत है
मगर ये दिल कहेता है की उसकी कहा इजाजत है

जिसे चाहा उसी को बारी बारी चाहना क्यां है
ये मुमकिन नां सही,लेकिन हमारी ये हिमाकत है

तुम्हारे धर तरफ जाता ये रास्ता लगतां है अच्छा
वही मस्जिद के बदले तुम से मिलने की हिदायत है

हमी से फांसलां रखने की उसने बहुत कोशिश की
मगर वो क्यां करे ये शायरी तो उस की आदत है

वो महेफिल मे आ के खो जाता मेरी शायरीओ में
वो दुश्मन है मगर मेरी गजल उसकी मुहोबत है

हमारा फोन उसने काट दिया कुछ भी कहे बिना
उसे मेसेज मे कहा रूबरू आओ तो फुरसत है

महोतरमां दूरीयो का सबब बढतां है बे मतलब
चलो ऐसा करे सब को लगे दोने मे कुरबत है
– नरेश के. डोडीया
Advertisement