जिंदगी की कुछ हकीकत तो यहीं है Hindi Gazal By Naresh K. Dodia

जिंदगी की कुछ हकीकत तो यहीं है Hindi Gazal By Naresh K. Dodia
जिंदगी की कुछ हकीकत तो यहीं है Hindi Gazal By Naresh K. Dodia
जिंदगी की कुछ हकीकत तो यहीं है
जो गलत थां मुझको लगतां था सहीं है

कितने अफसाने तुम्हारे मेरे है फिर
जो हकीकत है वहीं तो अनकही है

फूल से भी कोइ कोमल चीज हो तुंम
राइ फूलो की है जो बदली नहीं है

कितने जख्मो को भूला के हसतां हुं में
खूश रहेनी की गजल में आगही हैं

आंख तेरी देख के मुझ को लगां थां
ढुंढता थां बरसो से में तुं वही है

रात भी पडती नही ढलतां नही दिन
तुंं नही तो मेरी हर पल कलमुही है

जिस्म को तेरे छुंआ तब से लगां है
पाक दामन की यही सच में रुही है

अब महोतरमां तुम्हारी बात हैं तो
सब जगा देखो तुं हीं मेरे साथ ही है
– नरेश के.डॉडीया

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