इक शेर ऐसा मैं सुनाना चाहता हूँ तुझे Hindi Gazal By Naresh K. Dodia

इक शेर ऐसा मैं सुनाना चाहता हूँ तुझे  Hindi Gazal By Naresh K. Dodia
इक शेर ऐसा मैं सुनाना चाहता हूँ तुझे  Hindi Gazal By Naresh K. Dodia


इक शेर ऐसा मैं सुनाना चाहता हूँ तुझे
तू सिर्फ मेरी है जताना चाहता हूँ तुझे

ख्वाबो से भी तुंम खूबसूरत हुस्न की जात हों
मै अपने ख्वाबो को दिखाना चाहतां हूँ तुझे

सब को लगे मेरी गजल तकरीर तेरी करे
में बंदगी में आजमाना चाहता हूँ तुझे

जो चांद सहरा मे दिखें,बिलकुल उसी की तरह
मैं बिंदिया ऐसी लगाना चाहतां हूँ तुंझे

ऐसी जगह है दिल हमारां,बस शुकुन है वहां
जन्नत से कुछ अच्छा धुमाना चाहतां हूँ तुंझे

रिश्ते की नइ प्हेचान बन के आइ हो तुंम यहां
में इश्क से आगे ले जानां चाहतां हूँ तुंझे

जैसा भी समझौता अगर करना है कर लो यहां
कैसे भी कर के सिर्फ पाना चाहतां हूँ तुंझे

देखो महोतरमां यहां से मान भी जाए बस
मिन्न्तो की हद आ गइ ये कहना चाहतां हूँ तुंझे
– नरेश के. डोडीया
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