जी बहलता भी नही हैं ना शुकुन मिलतां है Hindi Muktak By Naresh K. Dodia

जी बहलता भी नही हैं ना शुकुन मिलतां है  Hindi Muktak By Naresh K. Dodia
जी बहलता भी नही हैं ना शुकुन मिलतां है  Hindi Muktak By Naresh K. Dodia  
जी बहलता भी नही हैं ना शुकुन मिलतां है                      
फोन से मेसेज से, दिल अब कहां भरतां है                                       
आज कल खुद से ही बाते करती रहती हुं मैं            
तुं नही तो वक्त मेरा ऐसे हीं कटतां है                    
- नरेश के.डॉडीया 
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