मेरे सिने में छूप के रोने की आदत हो गइ है Hindi Muktak By Naresh K. Dodia

मेरे सिने में छूप के रोने की आदत हो गइ है  Hindi Muktak By Naresh K. Dodia
मेरे सिने में छूप के रोने की आदत हो गइ है  Hindi Muktak By Naresh K. Dodia
मेरे सिने में छूप के रोने की आदत हो गइ है  
जैसे कभी मुझ को मिली ना हो वो दावत हो गइ है        
उस की नजाकत के लिए मशहुर थी वो शहर में           
मुझ से गले वो क्या मिली तब से कयामत हो गइ है                   
- नरेश के.डॉडीया
Advertisement