मेरे पास तुझे देने के लिए कुछ भी नहीं था Hindi kavita by Naresh K. Dodia

मेरे पास तुझे देने के लिए कुछ भी नहीं था Hindi kavita by Naresh K. Dodia
मेरे पास तुझे 
देने के लिए कुछ 
भी नहीं था 
हा लेकिन ऐक चीज़ थी 
जिसे तुम बरसो से 
ढूंढ रही थी और 
मेरे पास बरसो से पडी थी 
क्यु की इस चीज़ के लायक 
कोई भी इंसान मुझे आज तक 
मिला नहीं था ,
चलो अच्छा हुवा 
तुम मिल गई, ये चीज़ 
आज से तेरी अमानत हैं 
संभालो जाना 
ये मेरा प्रेम हैं 
बरसो से तेरा इंतजार करता था 
- नरेश के. डोडीया
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