जमी से फासला होता है जितना आसमानो का Hindi Muktak By Naresh K. Dodia

जमी से फासला होता है जितना आसमानो का Hindi Muktak By Naresh K. Dodia
जमी से फासला होता है जितना आसमानो का 
वही ताल्लुक़ हैं हम दोनों की चाहत की बातों का 
वो कहती थी मुझे मिलने भी आयेगी ये वादा हैं 
जहाँ उम्मीद कम हो क्या करे ऐसे इरादो का!
-  नरेश के. डोडीया
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